भोपाल | प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भोपाल आंचलिक कार्यालय ने मेसर्स जगदंबा एएमडब्ल्यू ऑटोमोटिव्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केनरा बैंक को लगभग ₹45 करोड़ के वर्तमान बाजार मूल्य की कुर्क संपत्तियों की बहाली सुनिश्चित कराई है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 8(8) के तहत माननीय विशेष न्यायालय (पीएमएलए), जबलपुर के आदेश के बाद की गई।
ईडी के अनुसार, यह मामला जगदंबा एएमडब्ल्यू ऑटोमोटिव्स प्राइवेट लिमिटेड, उसके निदेशक एवं मुख्य आरोपी पुष्पेंद्र सिंह, उनके परिवार के सदस्यों और कुछ बैंक अधिकारियों के विरुद्ध दर्ज किया गया था। मामले की शुरुआत केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), बीएस एंड एफसी, नई दिल्ली द्वारा की गई थी।
सीबीआई की एफआईआर में आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने केनरा बैंक को धोखा देने और आपराधिक षड्यंत्र रचने के उद्देश्य से भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 तथा भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 120-बी के साथ धारा 420 के तहत अपराध किया। इस कथित धोखाधड़ी से बैंक को लगभग ₹18.32 करोड़ (ब्याज को छोड़कर) का नुकसान हुआ।
ईडी की जांच में सामने आया कि कंपनी, उसके निदेशक पुष्पेंद्र सिंह और अन्य सह-आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कई वाहन ऋण स्वीकृत कराए, जबकि संबंधित वाहनों की वास्तविक डिलीवरी नहीं की गई। जांच एजेंसी के मुताबिक, इस तरह से प्राप्त ऋण राशि को आरोपियों ने अपने अन्य व्यावसायिक उपक्रमों में लगाया, परिवार के सदस्यों के खातों में स्थानांतरित किया, निजी लाभ के लिए उपयोग किया और पूर्व बकाया देनदारियों के भुगतान में खर्च किया।
Certified Cyber Crime Investigator Course Launched by Centre for Police Technology
ईडी का कहना है कि अंततः फर्जी उधारकर्ताओं के नाम पर लिए गए ऋण की राशि को निजी लाभ के लिए हड़प लिया गया, जिससे जबलपुर स्थित केनरा बैंक को वित्तीय क्षति हुई। अब तक की जांच में अपराध से अर्जित धन यानी प्रोसीड्स ऑफ क्राइम की राशि ₹18.32 करोड़ आंकी गई है।
इससे पहले, ईडी भोपाल ने पीएमएलए, 2002 के तहत आरोपियों की चल और अचल संपत्तियों, जिनका मूल्य लगभग ₹5.32 करोड़ था, को अस्थायी रूप से कुर्क किया था। इन कुर्कियों की पुष्टि माननीय न्यायनिर्णयन प्राधिकरण द्वारा भी की गई। इसके बाद 13 मार्च 2024 को अभियोजन शिकायत दाखिल की गई, जिस पर संज्ञान लेते हुए विशेष न्यायालय (पीएमएलए), जबलपुर ने आरोप तय किए।
पीड़ित बैंक केनरा बैंक ने कुर्क संपत्तियों की बहाली के लिए 9 जनवरी 2025 को पीएमएलए की धारा 8(8) के तहत आवेदन दायर किया था। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, 29 जनवरी 2026 को विशेष न्यायालय ने आदेश पारित करते हुए कुर्क संपत्तियों को पीड़ित बैंक के पक्ष में बहाल करने का निर्देश दिया।
अदालत के आदेश के अनुसार, जिन संपत्तियों की वापसी की गई है, उनका वर्तमान बाजार मूल्य लगभग ₹45 करोड़ है। ईडी ने इस कार्रवाई को बैंकिंग प्रणाली में भरोसा बहाल करने और आर्थिक अपराधों से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
