नई दिल्ली/बेंगलुरु: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनी WinZO से जुड़े विदेशी बैंक खातों में जमा 55.69 मिलियन डॉलर (करीब ₹505 करोड़) की राशि को प्रोविजनली अटैच कर दिया है। यह रकम अमेरिका और सिंगापुर में स्थित सहयोगी कंपनियों — WinZO US Inc और WinZO SG Pte. Ltd. — के खातों में जमा थी।
ईडी के अनुसार, इन खातों का नियंत्रण कंपनी के प्रमोटर्स पावन नंदा और सौम्या सिंह राठौड़ के पास था। एजेंसी का आरोप है कि कंपनी ने कथित अवैध कमाई का एक हिस्सा विदेशी निवेश की आड़ में विदेश ट्रांसफर किया, जबकि परिचालन और बैंकिंग नियंत्रण भारत से ही किया जा रहा था।
तलाशी और छापेमारी की कार्रवाई
ईडी ने 18 नवंबर 2025 को कंपनी के कार्यालयों और एक निदेशक के आवास पर तलाशी ली थी। इसके बाद 30 दिसंबर 2025 को कंपनी की अकाउंटिंग फर्म पर भी छापा मारा गया। जांच के दौरान एजेंसी को ऐसे दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले, जिनके आधार पर विदेशी खातों में रखी रकम को अटैच किया गया।
ईडी का कहना है कि जांच में पाया गया कि कई मामलों में यूजर्स को वास्तविक खिलाड़ियों के बजाय बॉट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या एल्गोरिदम आधारित प्रोफाइल (PPP/EP/Persona) के खिलाफ रियल मनी गेम खेलने के लिए जोड़ा गया। आरोप है कि इससे कंपनी को अनुचित लाभ हुआ।
वॉलेट निकासी पर रोक का आरोप
एजेंसी ने यह भी दावा किया कि कंपनी ने इन-ऐप वॉलेट से ग्राहकों के पैसे निकालने पर रोक या सीमा लगा दी थी। इससे यूजर्स को दोबारा गेम खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा। ईडी के मुताबिक, बॉट्स और असली खिलाड़ियों के बीच खेले गए मैचों से कंपनी ने बड़ी मात्रा में अवैध कमाई की।
जांच एजेंसी का आरोप है कि कारोबारी वर्ष 2022 से लेकर 22 अगस्त 2025 तक कंपनी ने लगभग ₹3,522.05 करोड़ की अवैध कमाई अर्जित की। इस मामले में अब तक करीब ₹689 करोड़ की चल संपत्ति फ्रीज की जा चुकी है। ताजा प्रोविजनल अटैचमेंट के बाद कुल अटैच या फ्रीज की गई संपत्तियों का मूल्य बढ़कर लगभग ₹1,194 करोड़ हो गया है।
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PMLA कोर्ट में शिकायत दर्ज
ईडी ने 23 जनवरी 2026 को बेंगलुरु स्थित विशेष पीएमएलए कोर्ट (CCH-1) के समक्ष अभियोजन शिकायत (प्रोसिक्यूशन कंप्लेंट) दायर की है। एजेंसी ने बताया कि जांच की शुरुआत विभिन्न एफआईआर के आधार पर हुई, जिनमें कंपनी पर धोखाधड़ी, खातों को ब्लॉक करने, इम्पर्सोनेशन और पैन के दुरुपयोग जैसे आरोप लगाए गए थे।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उनकी केवाईसी डिटेल्स का दुरुपयोग किया गया और कथित धोखाधड़ी के चलते उन्हें भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा।
पहले भी हुई थी छापेमारी
इससे पहले 18 नवंबर को 11 स्थानों पर ऑनलाइन गेमिंग ऑपरेटरों — Gameskraft और WinZO — से जुड़े परिसरों पर भी छापेमारी की गई थी। इनमें कॉर्पोरेट कार्यालयों के साथ-साथ शीर्ष अधिकारियों के आवास भी शामिल थे।
ईडी का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे और संपत्तियां अटैच किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं कंपनी की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में बढ़ती वित्तीय गतिविधियों के बीच यह कार्रवाई नियामकीय सख्ती का संकेत मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो यह मामला डिजिटल गेमिंग इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा नजीर साबित हो सकता है।
