फर्जी PAN-Aadhaar लोन स्कैम: मंत्री बेटे के नाम iPhone ठगी—आगरा पुलिस ने ₹2.5Cr गैंग का पर्दाफाश।

फर्जी पैन-आधार से लोन घोटाला: पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री के बेटे से ठगी करने वाला गिरफ्तार

Team The420
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फर्जी पैन और आधार कार्ड के जरिए लोन लेकर महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान और दोपहिया वाहन खरीदने वाले गिरोह के एक सदस्य को साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री के बेटे शैलेंद्र सिंह के नाम पर लोन लेकर ठगी करने का आरोप है। पुलिस का दावा है कि गैंग वर्ष 2021 से सक्रिय था और अब तक करीब ₹2.5–3 करोड़ की ठगी कर चुका है।

शैलेंद्र सिंह ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें बजाज फाइनेंस से कॉल आया, जिसमें ₹82,600 के लोन की बकाया किस्त न जमा करने की बात कही गई। जांच करने पर पता चला कि उनके पैन नंबर का दुरुपयोग कर आईफोन और दो सैमसंग मोबाइल खरीदे गए थे। उनकी सिबिल रिपोर्ट में तीन फर्जी जीमेल आईडी और एक मोबाइल नंबर जोड़ दिया गया था। बाद में सामने आया कि अन्य वित्तीय संस्थानों से भी उनके नाम पर लाखों रुपये के लोन लिए गए थे।

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सर्विलांस से आरोपी तक पहुंची पुलिस

साइबर क्राइम के नोडल अधिकारी आदित्य सिंह के अनुसार जांच में नारायण चौरसिया, नितिन चौरसिया, मनोज और शैलेंद्र नाम सामने आए। सर्विलांस के जरिए पता चला कि कुछ इलेक्ट्रॉनिक सामान की डिलीवरी चाणक्यपुरी, गढ़ी भदौरिया स्थित एक पते पर ली गई थी। वहां से मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने नितिन चौरसिया को गिरफ्तार किया, जबकि उसके दो साथी फरार हैं।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहले एक फाइनेंस कंपनी में काम कर चुका है, जहां शोरूम पर तैनात कर्मचारियों के माध्यम से ग्राहकों को तत्काल लोन दिलाया जाता था। उसे पूरी प्रक्रिया की जानकारी थी और इसी का फायदा उठाकर गिरोह ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोन पास कराए।

किराए के मकानों पर लेते थे डिलीवरी

गिरोह लोन स्वीकृत होने के बाद बाइक, स्कूटर, टीवी, फ्रिज, एसी, मोबाइल, गीजर और कूलर जैसे सामान खरीदता था। डिलीवरी के लिए किराए के मकानों का उपयोग किया जाता था, ताकि असली पहचान सामने न आए। पुलिस के मुताबिक आरोपी को खुद याद नहीं कि उसने कितनी जगह से लोन लिया।

कई लोगों का सिबिल स्कोर हुआ खराब

पुलिस का कहना है कि गिरोह की वजह से कई ऐसे लोगों का सिबिल स्कोर खराब हो गया, जिन्होंने कभी लोन नहीं लिया था। उन्हें इसकी जानकारी तब हुई जब कंपनियों की रिकवरी नोटिस उनके पास पहुंची।

सिबिल स्कोर 300 से 900 के बीच की तीन अंकों की संख्या होती है, जो व्यक्ति की ऋण चुकाने की क्षमता दर्शाती है। अच्छा स्कोर होने पर कम ब्याज पर आसानी से लोन मिल जाता है, जबकि खराब स्कोर पर लोन मिलना मुश्किल हो जाता है।

गैंग की कमाई करोड़ों में

पुलिस का दावा है कि गिरोह पिछले पांच वर्षों में करीब ₹2.5–3 करोड़ की अवैध कमाई कर चुका है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर फरार साथियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।

दस्तावेज सुरक्षा को लेकर चेतावनी

साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से पैन, आधार और अन्य पहचान दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध लोन, ई-मेल या कॉल की जानकारी तुरंत साइबर क्राइम थाने में देने को कहा गया है, ताकि समय रहते कार्रवाई कर नुकसान रोका जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल लोन प्रक्रिया में बढ़ती धोखाधड़ी को देखते हुए वित्तीय संस्थानों के साथ समन्वय बढ़ाया जा रहा है और ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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