सीबीआई पूछताछ के लिए दिल्ली जा रहे थे दोनों; मृतक के दस्तावेज और बैंक खाते से जुड़ी थी साइबर ठगी की जांच, पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को पकड़ा

₹1 करोड़ की साइबर ठगी की जांच से बचने के लिए साथी की हत्या! चलती ट्रेन से दिया धक्का, गाजियाबाद में आरोपी गिरफ्तार

Roopa
By Roopa
6 Min Read

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में करीब ₹1 करोड़ की साइबर ठगी की जांच के बीच एक युवक की कथित हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि साइबर ठगी से जुड़े मामले में पूछताछ के लिए अपने साथी के साथ दिल्ली जा रहे 30 वर्षीय युवक को चलती ट्रेन से धक्का दे दिया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को आशंका थी कि जांच आगे बढ़ने पर साइबर ठगी में इस्तेमाल बैंक खाते और दस्तावेजों की भूमिका सामने आ सकती है और वह खुद कानूनी कार्रवाई की चपेट में आ सकता है। इसी आशंका में उसने कथित तौर पर साथी की हत्या की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

मृतक की पहचान पीलीभीत के जहानाबाद थाना क्षेत्र के कल्याणपुर खास निवासी 30 वर्षीय भारत सिंह के रूप में हुई। उसका शव 16 सितंबर की सुबह गाजियाबाद में कैला खेड़ा के पास रेलवे ट्रैक पर मिला था। घटना के बाद आरोपी ने मृतक के भाई को फोन कर बताया था कि भारत सिंह गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर उतर गया है और वहां से टेंपो लेकर घर पहुंचेगा। इसके कुछ समय बाद आरोपी का मोबाइल फोन बंद हो गया। बाद में रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की जानकारी से परिवार में हड़कंप मच गया।

परिजनों के अनुसार, भारत सिंह गांव के ही रहने वाले आरोपी के संपर्क में था। करीब दो वर्ष पहले दोनों के बीच व्यापार करने की बात हुई थी। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने भारत सिंह के फोटो, आधार कार्ड और हस्ताक्षर समेत कुछ दस्तावेज लिए थे। बाद में इन्हीं दस्तावेजों और बैंक खाते से जुड़े करीब ₹1 करोड़ के साइबर ठगी के मामले की जांच शुरू हुई।

9 सितंबर को जांच टीम भारत सिंह के घर पहुंची थी। पूछताछ में भारत सिंह ने बताया था कि उसका आधार कार्ड और हस्ताक्षर आरोपी के पास थे। उसने यह भी बताया कि उसके बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए उसने स्वयं नहीं किया था। जांच के दौरान आरोपी से भी पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बताया था कि उसने भारत सिंह के दस्तावेज पीलीभीत के गोहनिया निवासी एक व्यक्ति को दिए थे। जांच टीम ने उस व्यक्ति की तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चल सका।

इसके बाद भारत सिंह और आरोपी को दिल्ली स्थित जांच कार्यालय में पूछताछ के लिए नोटिस दिया गया। दोनों 15 सितंबर की रात काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस से दिल्ली के लिए रवाना हुए। अगले दिन सुबह आरोपी ने भारत सिंह के भाई को फोन किया और बताया कि भारत गाजियाबाद स्टेशन पर उतर गया है। उसने कहा कि भारत वहां से टेंपो लेकर घर जाएगा। फोन करने के बाद आरोपी का मोबाइल बंद हो गया।

Proposal for Conducting Cyber Crisis Drill, Tabletop Exercise (TTEx) & CCMP Readiness Exercise

इसी दौरान पुलिस ने ग्राम प्रधान से संपर्क कर रेलवे ट्रैक पर मिले शव की तस्वीर पहचान के लिए भेजी। पहचान होने के बाद परिवार को भारत सिंह की मौत की जानकारी मिली। मृतक के पिता ने आरोप लगाया कि साइबर ठगी की जांच में खुद को बचाने के लिए आरोपी ने उनके बेटे की हत्या की है। परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

पुलिस की जांच के अनुसार, दोनों काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस से दिल्ली जा रहे थे। आरोप है कि आरोपी को डर था कि जांच में भारत सिंह की साइबर ठगी में सीधी भूमिका सामने नहीं आएगी, जबकि दस्तावेज और बैंक खाते से जुड़े मामले में उसकी खुद की भूमिका जांच के दायरे में आ सकती है। इसी आशंका में उसने कथित तौर पर हत्या की योजना बनाई।

पुलिस के मुताबिक, गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से ट्रेन के रवाना होने के बाद महामाया स्टेडियम के पास कैला खेड़ा क्षेत्र में आरोपी ने भारत सिंह को बहाने से ट्रेन के गेट के पास बुलाया। आरोप है कि मौका मिलते ही उसने भारत सिंह को चलती ट्रेन से धक्का दे दिया। रेलवे ट्रैक पर गिरने से उसकी मौत हो गई।

जांच में बैंक खाते की भूमिका भी सामने आ रही है। पुलिस का कहना है कि भारत सिंह के नाम पर खुले खाते को किसी अन्य व्यक्ति से संचालित कराया गया था और इसके बदले आरोपी को कथित तौर पर रकम मिली थी। इसी खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी से जुड़े लेनदेन में किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब खाते के लेनदेन, दस्तावेजों के इस्तेमाल और रकम के प्रवाह की कड़ियों की जांच कर रही है।

विजयनगर थाने में परिजनों की शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसके द्वारा भारत सिंह को चलती ट्रेन से धक्का देने की बात सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस साइबर ठगी और हत्या, दोनों मामलों से जुड़े साक्ष्यों को जुटा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हमसे जुड़ें

Share This Article