लखनऊ के बिजनौर में संपत्ति हड़पने की कथित साजिश; बेहोशी की हालत में उपनिबंधक कार्यालय ले जाने और मृत्यु के बाद विक्रय पत्र पंजीकृत कराने का भी आरोप, पुलिस ने जांच शुरू की

मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति की करोड़ों की जमीन फर्जी दस्तावेजों से बेचने का आरोप, बेटे की शिकायत पर मुकदमा

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By Roopa
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लखनऊ। सरोजनी नगर क्षेत्र के बिजनौर में मानसिक रूप से बीमार एक व्यक्ति की करोड़ों रुपये की संपत्ति कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचने का मामला सामने आया है। मृतक के बेटे ने मामले में कई लोगों पर साजिश रचकर संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर बिजनौर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

रायबरेली रोड स्थित सैनिक नगर निवासी शिकायतकर्ता के अनुसार, उनके पिता लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे और बीमारी के चलते अवसाद की स्थिति में थे। उनका इलाज एक निजी अस्पताल के मनोचिकित्सक की निगरानी में चल रहा था। आरोप है कि पिता की मानसिक स्थिति का फायदा उठाकर उनके पुराने परिचित और परिवार से जुड़े एक वकील ने संपत्ति को अपने पक्ष में कराने की कथित साजिश रची।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने पहले पिता की पत्नी को विश्वास में लिया और कुछ संपत्तियां अपने नाम कराने के लिए उन्हें तैयार किया। इसके बाद 20 दिसंबर 2024 को सरोजनीनगर स्थित बिजनौर उपनिबंधक कार्यालय में हैवतमऊ-मवैया की एक संपत्ति का विक्रय पत्र पंजीकृत कराया गया। इसमें भूखंड संख्या 37 की 334.57 वर्गमीटर जमीन और खसरा संख्या 143 की 139.40 वर्गमीटर भूमि शामिल बताई गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस प्रक्रिया में फर्जी चेक और अन्य कथित जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।

मामले में एक अन्य जमीन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार, ग्राम खरिका स्थित खसरा संख्या 316 की करीब 5,005 वर्गफीट भूमि के संबंध में विक्रय पत्र तैयार कराने के लिए उनके पिता को कथित तौर पर बेहोशी की हालत में उपनिबंधक कार्यालय ले जाया गया। आरोप है कि वहां उनकी स्थिति का फायदा उठाकर दस्तावेज तैयार कराए गए।

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शिकायतकर्ता के मुताबिक, इस विक्रय पत्र को 24 फरवरी 2025 को पीपी के रूप में दर्ज किया गया था और उस समय उसका पंजीकरण रोक दिया गया था। इसके बाद उनके पिता की 25 नवंबर 2025 को मृत्यु हो गई। आरोप है कि उनकी मृत्यु के बाद 9 अप्रैल 2026 को इसी दस्तावेज का विक्रय पत्र संख्या 6246/2026 के रूप में पंजीकरण करा दिया गया।

बेटे ने इस मामले में कई अन्य लोगों पर भी कथित साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि संपत्ति पर कब्जे की कोशिश का विरोध करने पर आरोपियों की ओर से कथित तौर पर गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। शिकायतकर्ता ने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों और पंजीकरण प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की।

डीसीपी दक्षिणी के निर्देश पर बिजनौर पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब विक्रय पत्र, संपत्ति के मूल दस्तावेज, पहचान संबंधी कागजात, भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड और उपनिबंधक कार्यालय में हुई पंजीकरण प्रक्रिया की जांच कर रही है।

जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि संबंधित दस्तावेज किस आधार पर तैयार और पंजीकृत किए गए तथा जमीन के वास्तविक स्वामित्व और विक्रय की प्रक्रिया में किन-किन लोगों की भूमिका रही। पुलिस आरोपों की पुष्टि के लिए दस्तावेजी साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

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