नक्शा दुरुस्तीकरण की रिपोर्ट लगाने के नाम पर मांग रहे थे रिश्वत, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज

गुन्नौर तहसील में घूसखोरी पर कार्रवाई: कानूनगो और मुंशी ₹14 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

Roopa
By Roopa
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गुन्नौर (संभल): तहसील परिसर में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन संगठन की टीम ने एक कानूनगो और उसके निजी मुंशी को ₹14,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

कार्रवाई मुरादाबाद इकाई की ट्रैप टीम ने की, जिसका नेतृत्व निरीक्षक नवल मारवाह ने किया। टीम ने पहले से मिली शिकायत के आधार पर योजना बनाकर गुन्नौर तहसील स्थित कानूनगो कार्यालय में छापा मारा और जैसे ही शिकायतकर्ता ने तय रकम आरोपियों को सौंपी, उन्हें मौके पर ही दबोच लिया गया।

शिकायत गांव ढंडूमरा निवासी बलवीर ने दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि एडीएम कोर्ट संभल में उनके नक्शा दुरुस्तीकरण से संबंधित एक वाद लंबित है। आरोप है कि कादराबाद क्षेत्र के संपत्ति कानूनगो तस्लीम अहमद और उनके निजी मुंशी महेंद्र पाल रिपोर्ट लगाने के नाम पर ₹14,000 की रिश्वत मांग रहे थे। महेंद्र पाल खुद को अधिवक्ता बताकर मामले में पैरवी कर रहा था।

शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने पूरे मामले की गोपनीय जांच की और ट्रैप की रणनीति तैयार की। गुरुवार को शिकायतकर्ता को तय रकम देकर कानूनगो कार्यालय भेजा गया। जैसे ही रकम सौंपी गई, पहले से मौजूद टीम ने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। मौके से रिश्वत की रकम बरामद कर ली गई।

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गुन्नौर थाने के प्रभारी निरीक्षक राजीव मलिक ने बताया कि एंटी करप्शन टीम की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वे अन्य मामलों में भी इसी तरह रिश्वत लेते रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार तहसील परिसर में इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया और कई कर्मचारी अपने कक्षों से बाहर निकल आए। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि राजस्व विभाग से जुड़े लंबित मामलों की भी समीक्षा की जाएगी, ताकि किसी अन्य प्रकार की अनियमितता सामने आए तो कार्रवाई की जा सके।

एंटी करप्शन संगठन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है तो उसकी तुरंत शिकायत करें। विभाग ने आश्वासन दिया है कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई को तहसील स्तर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि राजस्व और भूमि से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी और ट्रैप अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

मामले की जांच जारी है और आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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