मेरठ: शहर में ₹1 करोड़ की ज्वैलरी से जुड़ी जालसाजी का मामला सामने आया है, जिसमें कथित आरोपी कृष्णा सोना लेकर फ्लाइट से पश्चिम बंगाल फरार हो गया। घटना के बाद सर्राफा कारोबारियों में हड़कंप मच गया और पुलिस ने मामले के खुलासे के लिए तीन टीमें गठित कर दी हैं। दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के अनुसार साकेत निवासी तन्मय अग्रवाल का आबू प्लाजा, आबूलेन में रघुनंदन सर्राफ के नाम से ज्वैलरी शोरूम है। बुधवार को कृष्णा नामक व्यक्ति ने तन्मय को कॉल कर ₹1 करोड़ के सोने के आभूषण की मांग की। दोनों के बीच पूर्व परिचय होने के कारण तन्मय ने सौदे पर भरोसा कर लिया। कृष्णा ने बताया कि उसका एक आदमी शोरूम पर आएगा और भुगतान कैश में किया जाएगा।
दोपहर करीब 1:30 बजे एक व्यक्ति शोरूम पहुंचा और करीब ₹1 करोड़ के जेवर पसंद कर पैक करा लिए। इसी दौरान भगवान बुक गैलेक्सी के मालिक प्रवीण शर्मा को कृष्णा के कहने पर कैश लेकर शोरूम भेजा गया। प्रवीण को यह बताया गया था कि रकम बैंक खाते में ट्रांसफर कराने के लिए दी जा रही है और बदले में कुछ प्रतिशत कमीशन मिलेगा।
दोपहर करीब 3:30 बजे प्रवीण शर्मा दो बैग में ₹1 करोड़ लेकर शोरूम पहुंचे। तन्मय ने समझा कि यह ज्वैलरी की पेमेंट है, जबकि प्रवीण को लगा कि रकम खाते में ट्रांसफर होगी। इसी भ्रम का फायदा उठाकर कृष्णा के भेजे व्यक्ति ने जेवर लेकर वहां से निकल गया। बाद में जब दोनों पक्षों में बात हुई तो ठगी का खुलासा हुआ और शोरूम पर हंगामा हो गया।
जांच में सामने आया कि जेवर लेकर निकलते ही कृष्णा का साथी मेरठ छोड़ गया, जबकि कृष्णा पहले से बुक कराई फ्लाइट से पश्चिम बंगाल भाग गया। उसका मोबाइल फोन बंद है। पुलिस के अनुसार वह सिलीगुड़ी का निवासी बताया जा रहा है और उसका नेटवर्क कमीशन पर कैश रकम बैंक खातों में ट्रांसफर कराने से जुड़ा है।
Certified Cyber Crime Investigator Course Launched by Centre for Police Technology
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि कृष्णा, पंकज और राजवीर कैश रकम को प्रतिशत के आधार पर खातों में ट्रांसफर कराने का काम करते थे। प्रवीण शर्मा को भी इसी झांसे में फंसाया गया। मामले में पंकज और राजवीर से पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य संदिग्धों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
घटना के बाद दोनों पक्षों ने सदर थाने में अलग-अलग तहरीर दी है। सर्राफा पक्ष का कहना है कि उन्होंने कैश लेकर ज्वैलरी दी और उनके साथ कोई धोखाधड़ी नहीं हुई, जबकि प्रवीण शर्मा ने रकम खाते में ट्रांसफर न होने और जेवर चले जाने को ठगी बताया है। पुलिस दोनों पक्षों के बयान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घटनाक्रम की कड़ी जोड़ रही है।
मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल भी एसएसपी से मिला और मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की। पुलिस बैंक ट्रेल, कॉल डिटेल और यात्रा रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि फरार आरोपी की लोकेशन का पता लगाया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि यह मामला ज्वैलरी कारोबार में कैश लेन-देन और तीसरे पक्ष के माध्यम से भुगतान कराने के जोखिम को भी उजागर करता है। पुलिस ने कारोबारियों को सलाह दी है कि बड़ी रकम के सौदों में केवल सत्यापित बैंकिंग माध्यम का ही उपयोग करें और अज्ञात व्यक्तियों के जरिए भुगतान स्वीकार न करें।
मामले की जांच जारी है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही फरार आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
