डीईई, टेक्नीशियन और एसएसई गिरफ्तार; उरई-चित्रकूट में छापे, दस्तावेज व नकदी जब्त

भर्ती में रिश्वतखोरी का खेल बेनकाब, सीबीआई की आधी रात दबिश

Roopa
By Roopa
3 Min Read

उरई: रेलवे के टीआरडी (ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन) विभाग में संविदा भर्ती के नाम पर चल रहे कथित रिश्वतखोरी रैकेट का केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भंडाफोड़ कर दिया। लखनऊ की टीम ने उरई और चित्रकूट में देर रात समन्वित छापेमारी कर एक डीईई सहित तीन अधिकारियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है और मामले में अन्य लाभार्थियों की तलाश तेज कर दी गई है।

सीबीआई को सूचना मिली थी कि संविदा नियुक्तियों के बदले अभ्यर्थियों से पैसे की मांग की जा रही है। इसके आधार पर निरीक्षक स्तर के अधिकारी की अगुवाई में टीम ने दबिश दी। छापेमारी के दौरान डीईई शांतनु यादव और टेक्नीशियन प्रकाश कुशवाहा को चित्रकूट से हिरासत में लिया गया, जबकि एसएसई बीएस पाल को एक अभ्यर्थी से नकदी लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।

सूत्रों के अनुसार एक आरोपी की गिरफ्तारी उरई से और दो की चित्रकूट से हुई। देर रात की गई कार्रवाई का उद्देश्य साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ रोकना और आरोपियों को मौके पर पकड़ना था। टीम ने भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और नकदी जब्त की है, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।

Certified Cyber Crime Investigator Course Launched by Centre for Police Technology

प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि संविदा पदों पर नियुक्ति कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से रिश्वत ली जा रही थी। सीबीआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि कितनी भर्तियां प्रभावित हुईं, कुल कितनी रकम ली गई और क्या इसमें बिचौलियों की भी भूमिका थी। कॉल डिटेल, बैंक लेनदेन और भर्ती फाइलों की जांच कर धन के प्रवाह और प्रत्येक आरोपी की भूमिका तय की जा रही है।

गिरफ्तारियों के बाद रेलवे मंडल में चिंता का माहौल है। विभागीय स्तर पर भर्ती प्रक्रिया की समीक्षा की बात कही जा रही है ताकि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं को रोका जा सके।

अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ और गिरफ्तारियां संभव हैं। जिन अभ्यर्थियों ने पैसे दिए होने की आशंका है, उनसे भी पूछताछ की जाएगी ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।

सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट आधारित होनी चाहिए। भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जब्त सामग्री की फॉरेंसिक जांच और आरोपियों से पूछताछ के बाद आगे की कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

हमसे जुड़ें

Share This Article