साइबर क्राइम थाना पुलिस ने चोरी के मोबाइल फोन की सिम का उपयोग कर यूपीआई आईडी बनाकर बैंक खातों से पैसे उड़ाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर आरोपियों और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से करीब ₹4 लाख कीमत के सात मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
तकनीकी जांच से मिला सुराग
यह कार्रवाई क्वार्सी क्षेत्र के एक व्यक्ति के मोबाइल चोरी होने के बाद हुई ठगी की जांच के दौरान सामने आई। 20 अगस्त 2025 को चोरी हुए मोबाइल से यूपीआई जनरेट कर ₹5,67,497 की रकम निकाल ली गई थी। मामले में दर्ज मुकदमे के बाद साइबर क्राइम टीम ने तकनीकी विश्लेषण और डाटा शेयरिंग के जरिए आरोपियों की पहचान की।
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मुरादाबाद से गिरफ्तारी
पुलिस ने पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले के सासाराम नोनिया, झारखंड के साहेबगंज निवासी मोहम्मद शमसुल और एक बाल अपचारी को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया। दोनों वयस्क आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, जबकि बाल अपचारी को आगरा के बाल सुधार गृह भेजा गया।
बाल अपचारी ही निकला मास्टरमाइंड
पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरोह मोबाइल चोरी करता था और जिन सिम कार्ड का लिंक बैंक खातों से होता था, उनसे नया यूपीआई रजिस्टर कर पैसे ट्रांसफर कर लेता था। पुलिस के मुताबिक इस गिरोह का मास्टरमाइंड बाल अपचारी ही है।
आरोपियों ने स्वीकार किया कि कुछ महीने पहले अलीगढ़ रेलवे स्टेशन से एक मोबाइल चोरी कर इसी तरीके से लाखों रुपये निकाले थे।
ऐसे करते थे ठगी
- भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मोबाइल चोरी
- बैंक से लिंक सिम की पहचान
- उसी नंबर से नया यूपीआई रजिस्ट्रेशन
- बिना ओटीपी के ट्रांजैक्शन (डिवाइस आधारित ऑथेंटिकेशन का दुरुपयोग)
पुलिस की सलाह
साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है:
- मोबाइल किसी अनजान व्यक्ति को न दें
- फोन चोरी होते ही तुरंत सिम और बैंक खाते ब्लॉक कराएं
- सभी यूपीआई और बैंकिंग ऐप्स को तुरंत बंद करें
- मजबूत स्क्रीन लॉक और सिम लॉक का उपयोग करें
अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल भुगतान बढ़ने के साथ इस तरह की ठगी के मामले भी बढ़ रहे हैं, इसलिए समय रहते कार्रवाई और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
