क्लाउड, 5G, सेमीकंडक्टर और AI के लिए साझा मानक विकसित करने की पहल; म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में घोषणा

टेक सेक्टर में वैश्विक गठजोड़: जियो समेत 15 दिग्गजों ने बनाया ‘ट्रस्टेड टेक एलायंस’

Roopa
By Roopa
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नई दिल्ली/म्यूनिख: वैश्विक टेक्नोलॉजी परिदृश्य में भरोसेमंद डिजिटल ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जियो प्लेटफॉर्म्स सहित 10 देशों की 15 प्रमुख कंपनियों ने ‘ट्रस्टेड टेक एलायंस’ (TTA) के गठन की घोषणा की है। यह गठजोड़ कनेक्टिविटी, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर, सॉफ्टवेयर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे पूरे टेक स्टैक के लिए साझा और सत्यापित मानक विकसित करने पर काम करेगा।

इस पहल की घोषणा जर्मनी में आयोजित म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के दौरान की गई, जहां सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन को लेकर वैश्विक सहयोग की जरूरत पर जोर दिया गया।

किन कंपनियों की भागीदारी

एलायंस के संस्थापक सदस्यों में जियो प्लेटफॉर्म्स के अलावा अमेजन वेब सर्विसेज, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल क्लाउड, एरिक्सन, नोकिया, एसएपी और एनटीटी जैसी प्रमुख वैश्विक टेक कंपनियां शामिल हैं। कुल 15 कंपनियों का यह समूह आगे और सदस्यों को जोड़ने की योजना पर काम करेगा।

एलायंस का उद्देश्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी संप्रभुता, प्रतिस्पर्धात्मकता और लचीले डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करना है, ताकि देशों और कंपनियों को सुरक्षित टेक्नोलॉजी विकल्प उपलब्ध हो सकें।

जियो की भूमिका और भारत के लिए महत्व

जियो प्लेटफॉर्म्स के नेतृत्व ने कहा कि डिजिटल विकास को गति देने के लिए भरोसेमंद और पारदर्शी टेक्नोलॉजी ढांचा अनिवार्य है। इस पहल के जरिए वैश्विक साझेदारों के साथ मिलकर अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी, क्लाउड और AI सिस्टम में दीर्घकालिक विश्वास कायम करने का लक्ष्य है।

विशेषज्ञों के अनुसार, जियो की भागीदारी से भारत को वैश्विक डिजिटल मानकों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। इससे देश में 5G, क्लाउड और AI आधारित सेवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की विश्वसनीयता मिल सकती है और डेटा सुरक्षा को लेकर उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ेगा।

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पांच प्रमुख सिद्धांतों पर सहमति

एलायंस के सदस्य पांच मूलभूत सिद्धांतों का पालन करेंगे:

  • पारदर्शी कॉरपोरेट गवर्नेंस और नैतिक आचरण
  • सुरक्षित विकास प्रक्रिया और स्वतंत्र मूल्यांकन
  • मजबूत सप्लाई चेन और सुरक्षा निगरानी
  • खुला, सहयोगी और लचीला डिजिटल इकोसिस्टम
  • कानून के शासन के अनुरूप डेटा सुरक्षा

इन सिद्धांतों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि टेक्नोलॉजी का विकास और उपयोग जिम्मेदारी के साथ हो, चाहे उसका संचालन किसी भी देश में हो।

वैश्विक सहयोग की जरूरत

टेक उद्योग के नेताओं का मानना है कि कोई एक कंपनी या देश अकेले सुरक्षित डिजिटल ढांचा नहीं बना सकता। सीमाओं के पार भरोसेमंद टेक्नोलॉजी मानकों के लिए समान सोच वाले भागीदारों का साथ आना जरूरी है।

यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब डेटा सुरक्षा, सप्लाई चेन जोखिम, साइबर खतरों और टेक्नोलॉजी निर्भरता को लेकर वैश्विक चिंताएं बढ़ रही हैं।

डिजिटल अर्थव्यवस्था पर असर

विश्लेषकों का कहना है कि यह एलायंस क्लाउड सेवाओं, 5G नेटवर्क, सेमीकंडक्टर डिजाइन और AI प्लेटफॉर्म के लिए साझा मानकों को बढ़ावा देगा, जिससे इंटरऑपरेबिलिटी और सुरक्षा दोनों में सुधार होगा। इससे डिजिटल व्यापार, सीमा-पार डेटा प्रवाह और वैश्विक टेक निवेश को भी बढ़ावा मिल सकता है।

भारत के संदर्भ में यह पहल घरेलू टेक कंपनियों को वैश्विक वैल्यू चेन में बेहतर एकीकरण का मौका दे सकती है और ‘मेक इन इंडिया’ व डिजिटल इंडिया अभियानों को तकनीकी विश्वसनीयता प्रदान कर सकती है।

आगे की राह

एलायंस निकट भविष्य में तकनीकी फ्रेमवर्क, प्रमाणन मॉडल और सुरक्षा मानकों पर काम शुरू करेगा। सदस्य कंपनियां सरकारों, नियामकों और उद्योग निकायों के साथ मिलकर नीति स्तर पर भी सहयोग करेंगी।

टेक सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और साइबर जोखिमों के बीच ‘ट्रस्टेड टेक एलायंस’ को भरोसेमंद, सुरक्षित और पारदर्शी डिजिटल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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