भारतीय युवक करणजीत-जगरूप सिंह पर 19 किलो मॉर्फिन पोपी पॉड्स नारकोटिक्स चार्ज

अमेरिका में भारतीय युवकों पर नारकोटिक्स चार्ज: घर से 19 किलो मॉर्फिन-मिश्रित पोपी पॉड्स जब्त

Team The420
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अमेरिका में दो भारतीय नागरिकों पर गंभीर मादक पदार्थ आरोप लगाए गए हैं, जब अधिकारियों ने एक निजी आवास से करीब 19 किलो सूखे पोपी पॉड्स (अफीम फली) बरामद किए, जिनमें लैब टेस्ट के दौरान मॉर्फिन की पुष्टि हुई। मामला सामने आने के बाद दोनों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू हो गई है, वहीं इमिग्रेशन एजेंसियों ने डिटेनर दाखिल कर दिए हैं — जिससे दोष सिद्ध होने पर डिपोर्टेशन की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है।

आरोपी — करणजीत सिंह (24) और जगरूप सिंह (25) — को एक समन्वित ऑपरेशन के बाद हिरासत में लिया गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, पूरी कार्रवाई की शुरुआत उस अंतरराष्ट्रीय शिपमेंट से हुई, जिसे नीदरलैंड से अमेरिका भेजा गया था और जो न्यू जर्सी के Bergen County में स्थित Wood‑Ridge के एक घर पर डिलीवरी के लिए एड्रेस्ड थी।

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अधिकारियों ने बताया कि जनवरी में संघीय एजेंसियों ने खेप को इंटरसेप्ट किया। इसके बाद निगरानी और इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर कोर्ट से सर्च वारंट हासिल किया गया। 30 जनवरी को टीमों ने रेड कर दोनों आरोपियों को उसी आवास में रहते पाया। तलाशी के दौरान मॉर्फिन-युक्त पोपी पॉड्स के अलावा ड्रग डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े अन्य सामान भी बरामद किए गए।

प्रोसिक्यूटर्स के अनुसार, बरामद सूखे पोपी पॉड्स में मॉर्फिन पाया गया, जो अमेरिका में कंट्रोल्ड डेंजरस सब्सटेंस की श्रेणी में आता है। इसके बाद दोनों पर second-degree possession with intent to distribute का मामला दर्ज किया गया — जो एक गंभीर फेलोनी अपराध है।

गिरफ्तारी के बाद दोनों को Bergen County Jail भेजा गया और उनकी पहली पेशी Bergen County Superior Court में हुई। कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक, करणजीत सिंह को आगे की सुनवाई तक सशर्त रिहाई मिली, जबकि जगरूप सिंह अभी भी हिरासत में है।

इसी बीच अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी U.S. Immigration and Customs Enforcement ने दोनों के खिलाफ डिटेनर दाखिल कर दिए हैं। इसका मतलब है कि आपराधिक कार्यवाही पूरी होने के बाद संघीय अधिकारी उनकी कस्टडी ले सकते हैं। चूंकि दोनों अमेरिकी नागरिक नहीं हैं, इसलिए दोष सिद्ध होने की स्थिति में औपचारिक निर्वासन प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

जांच एजेंसियों का कहना है कि यह मामला उन व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट्स और रिहायशी पतों के जरिए अमेरिका में ड्रग सप्लाई करने वाले नेटवर्क को तोड़ना है। अधिकारियों ने बताया कि सूखे पोपी पॉड्स अक्सर ऑनलाइन “डेकोरेटिव” या “हर्बल” प्रोडक्ट के तौर पर बेचे जाते हैं, लेकिन इन्हें प्रोसेस कर ओपिएट्स — जैसे मॉर्फिन — निकाला जा सकता है, इसलिए इन पर कड़ी निगरानी रखी जाती है।

सीमा पार ड्रग तस्करी के बढ़ते पैमाने की ओर इशारा करते हुए, कनाडा में भी हाल ही में एक अलग मामले में भारतीय मूल के ट्रक ड्राइवर पर आरोप लगाए गए हैं, जिसके वाहन से करीब 700 पाउंड मेथामफेटामिन बरामद होने की बात सामने आई थी।

कानून प्रवर्तन एजेंसियों का कहना है कि ऐसे मामलों से साफ है कि तस्कर कमर्शियल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और निजी घरों का इस्तेमाल कर बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की आवाजाही कर रहे हैं, जिससे पहचान और रोकथाम और चुनौतीपूर्ण हो गई है।

न्यू जर्सी के अभियोजकों ने बताया कि जांच अभी जारी है और सप्लाई सोर्स व डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का पता लगाने के लिए वित्तीय लेनदेन और संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है। एक अधिकारी ने कहा, “ड्रग्स जब्त करना पहला कदम है। असली चुनौती ऊपर बैठे ऑपरेटर्स और फंडिंग चैनलों तक पहुंचने की है — तभी ऐसे रैकेट दोबारा खड़े होने से रोके जा सकेंगे।”

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