अमेरिकी रक्षा विभाग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी एंथ्रोपिक के बीच सैन्य उपयोग को लेकर मतभेद गहराते जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक पेंटागन कंपनी के साथ अपनी साझेदारी घटाने या पूरी तरह समाप्त करने तक पर विचार कर रहा है।
विवाद की जड़ एंथ्रोपिक की वह नीति है, जिसमें उसने अपने एआई मॉडल के उपयोग पर कुछ सख्त नैतिक सीमाएं तय कर रखी हैं। कंपनी ने विशेष रूप से पूरी तरह स्वायत्त हथियार प्रणालियों और अमेरिकी नागरिकों की बड़े पैमाने पर निगरानी में अपने मॉडल के इस्तेमाल को अनुमति देने से इनकार किया है।
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‘अनरिस्ट्रिक्टेड एक्सेस’ की मांग
रिपोर्ट्स के अनुसार रक्षा विभाग चार प्रमुख एआई कंपनियों पर दबाव बना रहा है कि वे सैन्य उपयोग के लिए अपने टूल्स को “सभी वैध उद्देश्यों” के लिए बिना प्रतिबंध उपलब्ध कराएं। इसमें हथियार विकास, खुफिया विश्लेषण और युद्धक्षेत्र से जुड़े ऑपरेशनल इस्तेमाल शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि अन्य कंपनियां इस दिशा में अपेक्षाकृत लचीला रुख अपना रही हैं, जबकि एंथ्रोपिक ने अपनी सीमाओं को गैर-परक्राम्य बताया है, जिससे पेंटागन के भीतर असंतोष बढ़ा है।
एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के हवाले से कहा गया कि “सभी विकल्प खुले हैं”, जिसमें साझेदारी कम करना या समाप्त करना भी शामिल है, हालांकि इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी।
एंथ्रोपिक का जवाब
कंपनी ने इन रिपोर्ट्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों के समर्थन के लिए प्रतिबद्ध है और उसके एआई मॉडल का उपयोग सरकारी एजेंसियों द्वारा विभिन्न खुफिया कार्यों में किया जा रहा है।
हालांकि उसने स्पष्ट किया कि उसकी यूज़ेज पॉलिसी के तहत स्वायत्त घातक हथियारों और बड़े पैमाने पर घरेलू निगरानी पर लगी पाबंदियां बरकरार रहेंगी। कंपनी का कहना है कि रक्षा विभाग के साथ बातचीत केवल नीति से जुड़े तकनीकी सवालों तक सीमित रही है और मौजूदा सैन्य अभियानों से इनका संबंध नहीं है।
पहले भी इस्तेमाल पर उठा था सवाल
हालिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया था कि अमेरिकी सैन्य अभियान में एंथ्रोपिक के एआई मॉडल का उपयोग एक विदेशी ऑपरेशन के दौरान किया गया। इस पर कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कथित तौर पर अपने साझेदार संगठन से स्पष्टीकरण मांगा था, क्योंकि उस कार्रवाई में गोलीबारी हुई थी।
एआई, नैतिकता और राष्ट्रीय सुरक्षा
यह विवाद तेजी से उभर रहे उस बड़े प्रश्न को सामने लाता है कि उन्नत एआई तकनीक का सैन्य उपयोग किन सीमाओं के भीतर होना चाहिए। एक ओर रक्षा प्रतिष्ठान अधिकतम ऑपरेशनल लचीलापन चाहता है, वहीं एआई कंपनियां कानूनी और नैतिक जोखिमों को लेकर सतर्क हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में एआई, हथियार प्रणालियों और निगरानी तकनीक के बीच संतुलन पर वैश्विक स्तर पर बहस तेज होगी।
फिलहाल दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन अगर समझौता नहीं हुआ तो यह अमेरिकी रक्षा क्षेत्र और निजी एआई कंपनियों के सहयोग के मॉडल पर व्यापक असर डाल सकता है।
