हनीट्रैप और रेप केस की धमकी से ठेकेदार से ₹15 लाख की वसूली, महिला गिरफ्तार

Team The420
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बिजली निगम के एक ठेकेदार को हनीट्रैप में फंसाकर ₹15 लाख की वसूली करने के आरोप में पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महिला ने पहले भावनात्मक संबंध बनाकर ₹5 लाख ऐंठे, फिर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप लगाने की धमकी देकर ₹10 लाख और वसूल लिए। इसके बाद उसने ₹12 लाख की नई मांग रखी। ठेकेदार के पुलिस से शिकायत करने पर पूरे मामले का खुलासा हुआ।

पुलिस के अनुसार प्रेमनगर क्षेत्र निवासी ठेकेदार अपने रिश्तेदार के मकान की देखरेख करते थे। करीब एक वर्ष पहले संजयनगर क्षेत्र की महिला ने वह मकान किराये पर लिया। परिचय बढ़ने पर उसने अपने वैवाहिक विवाद और दो बच्चों की जिम्मेदारी का हवाला देकर ठेकेदार की सहानुभूति हासिल की। आरोप है कि इसी दौरान उसने उन्हें अपने जाल में फंसा लिया और कई मौकों पर बुलाकर संबंध बनाए।

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ठेकेदार का कहना है कि महिला ने भावनात्मक दबाव बनाकर और पत्नी को बताने की धमकी देकर अलग-अलग समय पर ₹5 लाख वसूल किए। वह महंगी खरीदारी और घूमने-फिरने के लिए भी दबाव डालती थी। जब उन्होंने दूरी बनानी शुरू की तो एक फरवरी को महिला ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत कर दी और समझौते के नाम पर ₹10 लाख ले लिए।

शिकायतकर्ता के अनुसार रकम लेने के चार दिन बाद ही महिला ने फिर ₹12 लाख की मांग शुरू कर दी। मना करने पर उसने उच्च अधिकारियों से भी शिकायत करने की धमकी दी और उनकी पत्नी को संदेश भेजकर दबाव बनाने की कोशिश की। इसके बाद ठेकेदार ने एसएसपी कार्यालय में पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दी।

मामले की जांच सीओ प्रथम आशुतोष शिवम को सौंपी गई। जांच में सामने आया कि महिला पिछले लगभग एक वर्ष से ठेकेदार को ब्लैकमेल कर रही थी और रकम नकद तथा ऑनलाइन दोनों माध्यमों से ली गई थी। यह भी पता चला कि महिला अकेले नहीं बल्कि एक संगठित गिरोह के साथ काम कर रही थी। उसके कथित सहयोगियों के रूप में उदित पांडेय, गुड्डू बंजारा और अवधेश यादव को नामजद किया गया है।

जांच में यह भी सामने आया कि महिला पहले भी अन्य लोगों के खिलाफ इसी तरह की शिकायतें कर चुकी है। पुलिस को ठेकेदार और महिला के बीच हुए वित्तीय लेन-देन के डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर ब्लैकमेलिंग की पुष्टि हुई।

सीओ प्रथम ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच में वसूली के आरोप सही पाए गए। ठेकेदार की तहरीर पर प्रेमनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कर महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि झूठे आरोप लगाकर वसूली करना गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की ब्लैकमेलिंग या हनीट्रैप की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें और दबाव में आकर पैसे न दें।

मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस यह भी खंगाल रही है कि गिरोह ने इसी तरीके से अन्य लोगों को भी निशाना बनाया था या नहीं।

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