निवेश का झांसा देकर ई-कॉमर्स कंपनी से उड़ाए ₹1.40 करोड़, मोबाइल कब्जे में लेकर खाली कराया खाता

Team The420
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गाजियाबाद | स्टार्टअप फंडिंग के नाम पर ई-कॉमर्स कंपनी से ₹1.40 करोड़ की ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें आरोप है कि निवेश दिलाने का भरोसा देकर कंपनी के प्रबंध निदेशक के मोबाइल फोन अपने कब्जे में लिए गए और कुछ ही घंटों में बैंक खाते से बड़ी रकम कई खातों में ट्रांसफर कर दी गई। कोर्ट के निर्देश पर अब इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पीड़ित कंपनी कर्नाटक स्थित एनईएक्स ग्लोबल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड है। कंपनी के प्रबंध निदेशक सुमन कुमार की शिकायत पर गाजियाबाद पुलिस ने आरोपियों अमन और अभय के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह घटना अप्रैल 2025 की बताई जा रही है, हालांकि पुलिस कार्रवाई शुरू होने में कई महीने लगे।

शिकायत के अनुसार, कंपनी को विस्तार के लिए निवेश की आवश्यकता थी, जिसके चलते उसे एमएसएमई पोर्टल पर पंजीकृत कराया गया था। इसी क्रम में 30 मार्च 2025 को अमन और अभय ने संपर्क कर खुद को निवेश उपलब्ध कराने में सक्षम बताया और बातचीत शुरू की।

आरोप है कि दोनों ने चार अप्रैल 2025 को निवेश की पहली किस्त चेक के माध्यम से देने और आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कराने का भरोसा दिलाया। इसके लिए सुमन कुमार को कौशांबी मेट्रो स्टेशन के पास स्थित एक होटल में बुलाया गया। बैठक के दौरान शुरुआती तौर पर ₹3 लाख निवेश की बात कही गई।

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शिकायत में कहा गया है कि बैठक के दौरान एक आरोपी ने यह कहकर सुमन कुमार के दोनों मोबाइल फोन ले लिए कि निवेशकों के डाटाबेस, बैंक खातों और तकनीकी विवरण की पुष्टि करनी है। कुछ देर बाद तकनीकी समस्या का बहाना बनाकर वह मोबाइल लेकर होटल के बाहर चला गया। जब वह वापस नहीं लौटा, तो दूसरा आरोपी उसे देखने जाने की बात कहकर बाहर गया और फिर दोनों ही गायब हो गए।

घटना संदिग्ध लगने पर सुमन कुमार ने तुरंत अपने सिम कार्ड और बैंक खाते को ब्लॉक कराने की प्रक्रिया शुरू की। हालांकि, बाद में जब बैंक स्टेटमेंट की जांच की गई तो पता चला कि कंपनी के खाते से ₹1.40 करोड़ की राशि पहले ही अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर हो चुकी थी।

पीड़ित का आरोप है कि उन्होंने इस संबंध में कौशांबी थाने और डीसीपी कार्यालय में कई बार शिकायत दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद कोर्ट का रुख किया गया, जहां से आदेश मिलने पर पुलिस ने अब जाकर मामला दर्ज किया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उनकी जानकारी संबंधित बैंकों से मांगी गई है। ट्रांजैक्शन ट्रेल के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है।

यह मामला निवेश के नाम पर हो रही साइबर और वित्तीय ठगी की गंभीरता को रेखांकित करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्टार्टअप और छोटे कारोबारी अक्सर फंडिंग की तलाश में ऐसे जालसाजों के निशाने पर आ जाते हैं, जो भरोसा जीतकर तकनीकी तरीकों से खातों तक पहुंच बना लेते हैं।

फिलहाल जांच जारी है और पीड़ित को उम्मीद है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ ठगी की रकम की बरामदगी भी संभव हो सकेगी।

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