नई दिल्ली | इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की प्रमुख कंपनी HG Infra Engineering Limited के शेयरों में शुक्रवार को भारी गिरावट दर्ज की गई, जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की ओर से कंपनी से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी की सूचना सामने आई। कारोबारी सत्र के दौरान कंपनी का शेयर लगभग 16 प्रतिशत तक टूटकर ₹552 के स्तर पर आ गया।
कंपनी ने शेयर बाजार को दी गई सूचना में बताया कि 21 जनवरी 2026 को CBI और ACB, पटना की टीमों ने एक साथ कंपनी के विभिन्न परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। इस जानकारी के सार्वजनिक होते ही बाजार में अनिश्चितता बढ़ी और निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाते हुए शेयरों में बिकवाली शुरू कर दी।
किन स्थानों पर हुई तलाशी
HG Infra Engineering के अनुसार, जांच एजेंसियों के अधिकारी 21 जनवरी की शाम करीब 6:10 बजे कंपनी के जयपुर स्थित कॉर्पोरेट कार्यालय, गुरुग्राम के क्षेत्रीय कार्यालय और बिहार में स्थित एक परियोजना साइट पर पहुंचे। तलाशी अभियान देर रात लगभग 1 बजे तक चला।
इस दौरान एजेंसियों ने दस्तावेजों, रिकॉर्ड और अन्य कारोबारी कागजात की जांच की। कंपनी ने कहा कि तलाशी के दौरान जांच अधिकारियों को सभी आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई गईं और किसी भी स्तर पर सहयोग में कमी नहीं रखी गई।
कंपनी का आधिकारिक पक्ष
HG Infra Engineering ने अपने बयान में कहा कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बावजूद कंपनी की रोजमर्रा की व्यावसायिक गतिविधियां सामान्य रूप से जारी हैं। कंपनी के मुताबिक, इस तलाशी का उसके मौजूदा प्रोजेक्ट्स, साइट पर चल रहे कामकाज या ग्राहकों के साथ किए गए अनुबंधों पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ा है।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस समय यह कहना संभव नहीं है कि जांच का अंतिम निष्कर्ष क्या होगा। अभी तक किसी तरह के वित्तीय नुकसान, दंड या औपचारिक आरोप की जानकारी सामने नहीं आई है। यदि भविष्य में कोई नई या महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त होती है, तो उसे नियामकीय नियमों के तहत तुरंत स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया जाएगा।
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निवेशकों की चिंता क्यों बढ़ी
शेयर बाजार विश्लेषकों का कहना है कि किसी सूचीबद्ध कंपनी से जुड़ी CBI या ACB जैसी जांच एजेंसियों की कार्रवाई की खबर सामने आते ही निवेशकों की धारणा पर तत्काल असर पड़ता है। भले ही मामला शुरुआती चरण में हो या केवल तलाशी तक सीमित हो, लेकिन अनिश्चितता के कारण निवेशक जोखिम कम करने की कोशिश करते हैं।
इसी वजह से HG Infra Engineering के शेयरों में शुक्रवार को तेज बिकवाली देखी गई और स्टॉक दिन के निचले स्तरों के आसपास कारोबार करता नजर आया।
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर प्रभाव
विश्लेषकों के अनुसार, इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्माण क्षेत्र की कंपनियां आमतौर पर बड़े सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के प्रोजेक्ट्स से जुड़ी होती हैं। ऐसे में किसी एक कंपनी से संबंधित जांच की खबर पूरे सेक्टर की धारणा को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, बाजार जानकारों का कहना है कि जब तक जांच एजेंसियों की ओर से कोई ठोस निष्कर्ष या औपचारिक आरोप सामने नहीं आता, तब तक किसी अंतिम नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
पारदर्शिता का आश्वासन
कंपनी ने दोहराया है कि वह सभी कानूनी और नियामकीय प्रक्रियाओं का पालन करती रही है और आगे भी करती रहेगी। HG Infra Engineering ने निवेशकों को भरोसा दिलाया है कि जांच से जुड़े किसी भी नए घटनाक्रम की जानकारी समय पर सार्वजनिक की जाएगी, ताकि बाजार में पारदर्शिता बनी रहे।
आगे की दिशा
फिलहाल निवेशकों और विश्लेषकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच एजेंसियां आगे क्या कदम उठाती हैं और कंपनी की ओर से आने वाले अपडेट क्या संकेत देते हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा अनिश्चितता के चलते HG Infra Engineering के शेयरों में निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
यह घटनाक्रम एक बार फिर यह दर्शाता है कि नियामकीय और जांच से जुड़ी खबरें शेयर बाजार में निवेशकों की भावनाओं को कितनी तेजी से प्रभावित कर सकती हैं, भले ही कंपनी के बुनियादी कारोबार में तत्काल कोई बदलाव न हुआ हो।
