नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में चल रहे कथित इंश्योरेंस फ्रॉड कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए 43 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में 32 महिलाएं और 11 पुरुष शामिल हैं। पुलिस ने बुधवार रात छापेमारी कर इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर लोगों को फोन कर इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के लिए मनाते थे। इस दौरान वे ग्राहकों से उनकी निजी जानकारी और केवाईसी (KYC) दस्तावेज हासिल कर लेते थे। आरोप है कि बाद में इन जानकारियों का इस्तेमाल धोखाधड़ी के लिए किया जाता था।
इंश्योरेंस ग्राहकों को फोन कर जुटाते थे KYC डिटेल
पश्चिमी दिल्ली के डीसीपी हर्षवर्धन स्वामी ने बताया कि जनकपुरी स्थित संदिग्ध कॉल सेंटर पर छापेमारी के बाद 43 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी मौजूदा इंश्योरेंस ग्राहकों और संभावित पॉलिसीधारकों को फोन करते थे। वे इंश्योरेंस से जुड़ी उपलब्ध जानकारियों के आधार पर लोगों से संपर्क कर उन्हें नई पॉलिसी खरीदने के लिए प्रेरित करते थे।
जांचकर्ताओं का आरोप है कि बातचीत के दौरान ग्राहकों को इंश्योरेंस प्रक्रिया का हवाला देकर संवेदनशील निजी जानकारी और KYC डिटेल साझा करने के लिए कहा जाता था। बाद में इन जानकारियों का कथित तौर पर दुरुपयोग कर लोगों को ठगा जाता था।
पुलिस ने फरीदाबाद निवासी विशाल कपूर की पहचान इस कथित नेटवर्क के मुख्य संचालक के रूप में की है। जांच में कॉल सेंटर की गतिविधियों के प्रबंधन में उसकी संदिग्ध भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
43 मोबाइल फोन, लैपटॉप और डेटा शीट बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 43 मोबाइल फोन, लैपटॉप और कई डेटा शीट बरामद की हैं। इन दस्तावेजों में कथित धोखाधड़ी से जुड़ी जानकारियां मौजूद हैं। पुलिस को बड़ी मात्रा में डिजिटल डेटा भी मिला है, जिसकी जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियां बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और रिकॉर्ड के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपियों को ग्राहकों की निजी जानकारी कहां से मिलती थी, वे लोगों से किस तरह संपर्क करते थे और जुटाए गए डेटा का इस्तेमाल कैसे किया जाता था।
अनजान कॉल पर KYC जानकारी साझा करने से बचें
यह मामला इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर होने वाली फोन आधारित धोखाधड़ी और निजी डेटा के दुरुपयोग से जुड़े जोखिमों को उजागर करता है। पुलिस ने मामले में आगे की जांच जारी रखी है। डिजिटल रिकॉर्ड की पड़ताल के बाद इस कथित नेटवर्क के काम करने के तरीके और अन्य लोगों की भूमिका को लेकर और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
