नोएडा एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का मुआवजा पाने वाले किसानों की रकम निशाने पर; बचत खातों और FD से बिना अनुमति निकाले पैसे, लॉकर से सोने-चांदी के जेवर गायब होने की भी शिकायत; पांच बैंक अधिकारी फरार

ग्रेटर नोएडा के PNB में ₹200 करोड़ से अधिक के घोटाले की आशंका, 350 से ज्यादा खाताधारक प्रभावित

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By Roopa
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ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की एक शाखा में खाताधारकों की जमा पूंजी के कथित गबन का बड़ा मामला सामने आया है। पाई-1 स्थित ऐच्छर गांव की बैंक शाखा में 350 से अधिक खाताधारकों के खातों से 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम की हेराफेरी किए जाने की आशंका है। शुरुआती शिकायतों में करीब 35 करोड़ रुपये के घोटाले की बात सामने आई थी, लेकिन जांच का दायरा बढ़ने के साथ प्रभावित खातों और कथित गबन की रकम का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ा है। मामले में नोएडा एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण के बदले मुआवजा पाने वाले किसानों और जमीन मालिकों की रकम को मुख्य रूप से निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है।

पुलिस जांच में पता चला है कि खाताधारकों की जानकारी और अनुमति के बिना उनके बचत खातों तथा फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से रकम निकाली गई। कुछ खाताधारकों ने बैंक के लॉकर में रखे सोने-चांदी के आभूषण गायब होने की शिकायत भी की है। एक पीड़ित के मुताबिक, उसकी एफडी समय से पहले तोड़कर रकम निकाल ली गई और लॉकर में रखे गहने भी गायब मिले। इससे मामला केवल बैंक खातों से रकम निकालने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि लॉकर में रखी कीमती संपत्ति भी जांच के दायरे में आ गई है।

35 करोड़ से शुरू हुई शिकायत, अब 200 करोड़ से अधिक का अनुमान

शुरुआत में बैंक शाखा में करीब 35 करोड़ रुपये की हेराफेरी की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद खातों और लेनदेन की जांच की गई तो प्रभावित खाताधारकों की संख्या 350 से अधिक होने की जानकारी मिली। अब तक सामने आए तथ्यों के आधार पर कथित गबन की रकम 200 करोड़ रुपये से ज्यादा होने की आशंका जताई जा रही है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कितने खातों से कितनी रकम निकाली गई और इस पूरी प्रक्रिया में किन बैंक अधिकारियों तथा अन्य लोगों की भूमिका रही। यह भी जांच की जा रही है कि रकम निकालने के लिए बैंकिंग प्रक्रिया का किस तरह दुरुपयोग किया गया। प्रभावित खाताधारकों में बड़ी संख्या उन किसानों और जमीन मालिकों की बताई जा रही है, जिन्हें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन के बदले मुआवजा मिला था।

किसानों के मुआवजे की रकम पर बनाया निशाना

पुलिस जांच के अनुसार, जमीन अधिग्रहण के बदले किसानों और जमीन मालिकों को मिली बड़ी रकम इस कथित घोटाले का प्रमुख निशाना बनी। मुआवजे की रकम मिलने के बाद कई लोगों ने इसे बचत खातों और एफडी में जमा कराया था। आरोप है कि इसी जमा पूंजी से बिना खाताधारकों की अनुमति के रकम निकाली गई।

कई पीड़ितों को तब गड़बड़ी का पता चला, जब उन्होंने अपने खातों की जांच कराई या एफडी की स्थिति जानने के लिए बैंक से संपर्क किया। कुछ लोगों के खातों में जमा रकम अपेक्षा से काफी कम मिली। वहीं, एफडी तोड़े जाने और लॉकर से आभूषण गायब होने की शिकायतों ने खाताधारकों की चिंता और बढ़ा दी है।

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छह राज्यों के खातों में भेजी गई रकम

सूत्रों के मुताबिक, बैंक खातों से कथित तौर पर निकाली गई रकम को महाराष्ट्र, गोवा, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और गुजरात के विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। जांच में इस अंतरराज्यीय लेनदेन की कड़ियां खंगाली जा रही हैं। आशंका है कि जिन खातों में शुरुआत में रकम भेजी गई, वहां से उसे आगे दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया गया, ताकि वास्तविक लाभार्थियों और पैसे के स्रोत का पता लगाना मुश्किल हो जाए।

जांच एजेंसियों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती रकम के पूरे लेनदेन का पता लगाने और उसे वापस हासिल करने की है। जिन खातों में पैसा ट्रांसफर किया गया, उनकी पहचान कर वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। हालांकि, रकम को आगे दूसरे खातों में भेजे जाने की आशंका के कारण उसकी बरामदगी मुश्किल हो सकती है।

बैंक के बाहर खाताधारकों का हंगामा, किसान संगठनों का प्रदर्शन

घोटाले की जानकारी फैलने के बाद बृहस्पतिवार सुबह से ही बड़ी संख्या में खाताधारक बैंक पहुंचने लगे। लोग अपनी पासबुक में एंट्री कराने, एफडी की स्थिति जानने और खातों में बची रकम निकालने के लिए बैंक कर्मचारियों से जानकारी मांग रहे थे। खाताधारकों को स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर बैंक कर्मचारियों के साथ तीखी बहस शुरू हो गई।

इसके बाद पीड़ित खाताधारकों ने किसान संगठनों के साथ मिलकर बैंक परिसर के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी जमा पूंजी की सुरक्षा और गायब रकम वापस दिलाने की मांग उठाई। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। बैंक परिसर में सुरक्षा गार्डों की संख्या भी बढ़ा दी गई, ताकि किसी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।

पांच बैंक अधिकारी भूमिगत, गिरफ्तारी से बचने की कोशिश

मामले में पांच बैंक अधिकारियों के नाम सामने आने के बाद उनके भूमिगत होने की जानकारी मिली है। बताया जा रहा है कि ये अधिकारी गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत लेने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस उनकी भूमिका और कथित वित्तीय अनियमितताओं में संलिप्तता की जांच कर रही है।

बीटा-2 कोतवाली पुलिस मामले की जांच में जुटी है। जांच का फोकस बैंक खातों से हुई निकासी, एफडी तोड़ने की प्रक्रिया, लॉकर से गायब आभूषणों और छह राज्यों में हुए संदिग्ध वित्तीय लेनदेन पर है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित गबन में बैंक के अधिकारियों के अलावा बाहरी लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं।

350 से अधिक खाताधारकों और 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की संभावित रकम से जुड़े इस मामले ने बैंकिंग व्यवस्था में जमा धन की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल जांच के बाद ही घोटाले की वास्तविक रकम, आरोपियों की भूमिका और खाताधारकों को हुए कुल नुकसान की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

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